शारदीय नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं
नवरात्रि का अर्थ है नौ महत्वपूर्ण रात्रि। जिसमें मां शक्ति के विभिन्न रूपों की आराधना की जाती है। नवरात्र का पर्व साल में दो बार मनाया जाता है। पहली नवरात्रि चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से आरंभ होकर नवमी तक मनायी जाती है। उसके बाद शारदीय नवरात्रि का महापर्व अश्विन मास में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से आरंभ होकर नवमी तक मनाया जाता है। जो आमतौर पर सितंबर या अक्टूबर में ही आती है। दोनों ही नवरात्रि में लोग पूरे श्रद्धा भाव से मां दुर्गा की उपासना करते हुए नौ व्रत करते हैं। सितंबर या अक्टूबर में आने वाली शारदीय नवरात्र का धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व भी है। यह नवरात्रि पर्व मौसम बदलने का संकेत हैं। ऋषि-मुनियों ने बदलते मौसम में किसी तरह के वायरस के प्रभाव से बचने के लिए ही नवरात्रि पर व्रत, संयम, नियम और यज्ञ की प्रणाली शुरू की है। बरसात के बाद कीटाणु उत्पन्न हो जाते हैं, यज्ञ उन्हें नष्ट करके वातावरण को पवित्र करता है। यह समय शक्ति यानी प्रकृति की आराधना का है। बरसात के कारण घर में बंद लोग अब पूरी शक्ति से फिर से अपना उद्योग शुरू कर सकते हैं, इसलिए मां दुर्गा के आशीर्वाद की विशेष आवश्यकता होती है। जो व्यक्ति को मजबूत बनाती है और उसके आसपास एक सकारात्मक घेरा बनाती है, जिससे आत्मविश्वास के साथ काम करते हुए व्यक्ति आगे बढ़ता है और लाभ प्राप्त करता है, इसलिए चारों दिशाओं में लाभ प्राप्ति के लिए नवरात्रि में मां की आराधना जरूर करनी चाहिए।
महत्त्वपूर्ण जानकारी
शारदीय नवरात्रि - 2025
29
सितंबर
2025
सोमवार
महासप्तमी
30
सितंबर
2025
मंगलवार
महाअष्टमी
01
अक्टूबर
2025
बुधवार
महानवमी
02
अक्टूबर
2025
गुरुवार
विजयादशमी
आगामी कार्यक्रम
शारदीय नवरात्रि - 2025
सोमवार, 22 सितंबर 2025 - गुरुवार, 02 अक्टूबर 2025
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